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Wednesday, 7 March 2018

मापन ,भौतिक राशियां प्रकार की होती है।

      
1.मापन
राशि→जिसे संख्या के रूप में प्रकट किया जा सके ,उसे राशि कहते हैः
            जैसे →जनसंख्या,आयु,वस्तु का भार, मेज की लम्बाई आदि।


भौतिक राशियां →भौतिकी के नियमों को जिन राशियों के पदों में व्यक्त किया जाता है, उन्हें भौतिक राशियां कहते हैं
                       जैसे → वस्तु का द्रव्यमान, लम्बाई, बल, चाल, दुरी, विधुत् धारा, घनत्व आदि।
भौतिक राशियां दो प्रकार की होती है।
1.अदिश राशि
2.सदिश राशि

1.अदिश राशि → वैसी भौतिक राशियाँ , जिनमें केवल परिमाण होता है,दिशा नहीं होती है, उन्हें अदिश राशि कहते है।
                   जैसे→द्रव्यमान,
घनत्व,तापमान,विधुत्  धारा, समय, चाल,आयतन,कार्य आदि।
2.सदिश राशि→वैसी भौतिक राशियां,जिनमें परिमाण के साथ-साथ दिशाएं भी होता है।और जो योग के निश्चित नियमों के अनुसार जोड़ी जाती है,उन्हें सदिश राशि कहते है।
   .         जैसे→वेग, विस्थापन ,बल, रेखीय संवेग, कोणीय विस्थापन,कोणीय वेग,त्वरण, बल आघूर्ण,चुम्बकीय क्षेत्र प्रेरण,चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता,चुम्बकन तीव्रता, चुम्बकीय आघूर्ण, विधुत् तीव्रता, विधुत् धारा घनत्व,विधुत् ध्रुव आघूर्ण, विधुत् ध्रुवण,चाल प्रवणता,ताप प्रवणता आदि।
माप के मात्रक/इकाई→किसी राशि के मापन के निर्देश मानक को मात्रक कहते हैं अर्थात् किसी भी राशि की माप करने के लिए उसी राशि के एक निश्चित परिमाण को मानक मान लिया जाता है और उसे कोई नाम दे दिया जाता है। इसी को उस राशि का मात्रक कहते हैं। किसी दी हुई राशि की उसके मात्रक से तुलना करने की क्रिया को मापन कहते हैं।

मात्रक दो प्रकार के होते हैं
1.मूल मात्रक
2.व्युत्पन्न मात्रक
1.मूल मात्रक/इकाई किसे कहते है।
→  भौतिक राशि को व्यक्त करने के लिए कुछ ऐसे मानकों  का प्रयोग किया जाता है, जो अन्य मानकों से स्वतंत्र होता है, इन्हें  मूल मात्रक कहते  हैं
     जैसे → लंबाई ,समय और द्रव्यमान के मात्रक क्रमशः मीटर ,सेकेंड एवं किलोग्राम मूल इकाई है।

2.  व्युत्पन्न मात्रक/इकाई किसे कहते हैं
→ किसी भौतिक राशि को जब दो या दो से अधिक मूल इकाइयों में व्यक्त किया जाता है तो उसे व्युत्पन्न मात्रक कहते हैं जैसे→ बल,दाब,कार्य एवं विभव के लिए क्रमशः न्यूटन, पास्कल ,जूल एवं वोल्ट  व्युत्पन्न मात्रक है।

मात्रक पद्धतियां → भौतिक राशियों के मापन के लिए निम्नलिखित चार पद्धतियां प्रचलित है
1.CGS पद्धति
2.FPS पद्धति
3.MKS पद्धति
4.अन्तर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति

1.CGS पद्धति→ CGS पद्धति का पुरा नाम सेन्टीमीटर ग्राम सेकेण्ड system होता है। इस पद्धति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय के मात्रक क्रमशः सेंटीमीटर, ग्राम और सेकेण्ड होता है। इसलिए इसे CGS पद्धति कहते हैं। इसे फ्रेंच या मीट्रिक पद्धति भी कहते हैं।

2.FPS पद्धति→ इसका पुरा नाम फुट पाउण्ड सेकेण्ड System होता है। इस पद्धति में लम्बाई, द्रव्यमान तथा समय के मात्रक क्रमशः फुट,पाउण्ड और सेकेण्ड होते हैं। इसलिए इसे FPS पद्धति कहते है। इसे ब्रिटिश पद्धति भी कहते हैं।

3.MKS पद्धति → इसका पुरा नाम मीटर किलोग्राम सेकेण्ड System है
इस पद्धति में लम्बाई, द्रव्यमान और समय के मात्रक क्रमशः मीटर, किलोग्राम और सेकेण्ड होता है।इसलिए इसे MKS पद्धति कहते है।

4.अन्तराष्ट्रीय मात्रक पद्धति (system international s.I unit)
→सन् 1960 ई० में अन्तर्राष्ट्रीय माप-तौल के अधिवेशन में si को स्वीकार किया गया जिसका पूरा नाम de systeme international d’ unit है। वास्तव में, यह पद्धति MKS पद्धति का ही संशोधित एवं परिवद्धित रूप है।आजकल इसी पद्धति का प्रयोग किया जाता है। इस पद्धति में सात मूल मात्रक तथा दो सम्पूरक मात्रक है।

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